Garhwa - उपायुक्त श्री रमेश घोलप की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। समाहरणालय के सभागार में आयोजित उक्त बैठक में मुख्य रूप से मेडिकल कैंप (दिव्यांग कैंप) के आयोजन एवं निर्गत प्रमाण पत्रों की अद्यतन स्थिति, टेलीमेडिसिन/ टेलीकंसल्टेशन सर्विसेज (ई-संजीवनी), एचडब्ल्यूसी, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) वितरण की अद्यतन स्थिति, कोविड-19 वैक्सीनेशन तथा राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा की गई।
मौके पर उपायुक्त ने जिले में दिव्यांग जनों के यूडीआईडी सर्टिफिकेशन संबंधी कार्य को सुचारू रूप से करते हुए उसे पूर्ण करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को प्रतिदिन उक्त हेतु कैंप का आयोजन करने का सख्त निर्देश दिया साथ ही इसका व्यापक प्रचार- प्रसार कराने की बात कही। उपायुक्त के द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देश के आलोक में दिनांक 1 मार्च से अब तक कुल 11 दिनों में आयोजित किए गए कैंप के में प्राप्त आवेदनों का सिविल सर्जन के माध्यम से स्वीकृति नहीं दिए जाने पर असंतोषजनक व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने उन्हें 3 दिनों के भीतर इस पर अपना स्पष्टीकरण, संचिका के माध्यम से देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव झारखंड सरकार से प्राप्त निर्देश के बावजूद दिव्यांग यूडीआईडी सर्टिफिकेशन के संदर्भ में सिविल सर्जन तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने को लेकर इस संदर्भ में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रिंसिपल सेक्रेट्री महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को इस संदर्भ में उपायुक्त के स्तर से पत्राचार के माध्यम से सूचित किया जाएगा। उन्होंने सिविल सर्जन डॉक्टर कमलेश कुमार को प्रतिदिन कैंप का आयोजन करने तथा कैंप में प्राप्त आवेदनों के योग्य होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर स्वीकृति प्रदान करने का सख्त निर्देश दिया। श्री गोल्फ ने कहा कि दिव्यांग जनों को यूडीआईडी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े, इस प्रक्रिया का सरलीकरण हो, इसी उद्देश्य से कैंप का आयोजन किया जा रहा है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने इस प्रक्रिया को तेज गति से पूर्ण कराने को लेकर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को भी कई आवश्यक निर्देश दिए तथा सभी के सहयोग से जल्द से जल्द दिव्यांगों को सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की बात कही गई।
उपायुक्त ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचला अधिकारी, एमओआईसी, सीडीपीओ व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र का एक भी दिव्यांग व्यक्ति सर्टिफिकेशन हेतु ना छूटे। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि उपायुक्त के स्तर से जिले के गणमान्य व्यक्तियों; मुखिया, पंचायत समिति के सदस्य, प्रमुख, एनजीओ को पत्र भेजा जाए तथा कैंप में उनसे अपेक्षित सहयोग लेते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित किया जाए। उपायुक्त ने सिविल सर्जन से मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया साथ ही कैंप में साइकैट्रिस्ट की प्रतिनियुक्ति करते हुए मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों को भी इस अभियान के तहत लाभान्वित करने की बात कही।
आगे, उपायुक्त ने कहा कि गढ़वा जिले में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्रोग्राम वृहद स्तर पर प्रारंभ किया जाए। इसके सफलतापूर्वक संचालन के लिए सदर अस्पताल गढ़वा में एक कमरा तैयार किया जाए, जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चिकित्सकीय इलाज हेतु सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न सीएचसी पर हब हाउस स्थापित किया जाए जहां से ग्रामीण, सदर अस्पताल में बैठे चिकित्सकों से सीधा संपर्क संपर्क स्थापित करते हुए अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। उपायुक्त ने इस हेतु रजिस्टर्ड चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन गढ़वा को दिया। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों के रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने की बात भी कही। उपायुक्त ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्रोग्राम प्रारंभ हो जाने के बाद निश्चित रूप से जिले वासी आवागमन के खर्च से बचते हुए अपनी बीमारियों का सरलता से कम खर्च में इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के कार्यों की समीक्षा की गई जहां सिविल सर्जन को 15 से 17 आयु वर्ग के बच्चों के वैक्सीनेशन में तेजी लाने हेतु विस्तृत प्लान तैयार कर उनका वैक्सीनेशन कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि 21 से 30 मार्च तक विशेष अभियान चलाते हुए 15 से 17 आयु वर्ग के बच्चों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जाए। प्रखंड विकास पदाधिकारी, एमओआईसी व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी बैठक कर इसकी कार्य योजना तैयार करें। उपायुक्त ने सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में टीकाकरण हेतु नामित नोडल पदाधिकारी अथवा प्रधानाचार्य से उनके विद्यालय में शत-प्रतिशत बच्चों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है, संबंधी प्रतिवेदन उनके हस्ताक्षर के साथ लेने का निर्देश भी सिविल सर्जन को दिया। इसके अलावा बैठक में प्रचार- प्रसार अभियान चलाते हुए भ्रूण हत्या पर पर नियंत्रण के संदर्भ में भी कई आवश्यक निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां मेल- फीमेल चाइल्ड बर्थ रेशियों संदिग्ध है, वैसे क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां छापामारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपायुक्त श्री रमेश घोलप के अलावा उप विकास आयुक्त श्री राजेश कुमार राय, असैनिक शल्य चिकित्सक- सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी स्वास्थ्य विभाग, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई गढ़वा सहित जिले के कई पदाधिकारी मौजूद थे।