मेदिनीनगर । पलामू । झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि चारा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा डोरंडा कोषागार से निकासी के मामले में 5 साल की सजा व 60 लाख रुपया जूर्माने को अप्रत्यक्ष रूप से लालू प्रसाद को जेल में मार डालने की सजा करार दिया है।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका समेत तमाम प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं की गरीमा बुरी तरह प्रभावित हुई है। दुनिया के सबसे भ्रष्ट पार्टी भाजपा के केन्द्र व विभिन्न राज्य सरकारों को क्या अपने गिरेबान में नहीं झांकना चाहिए ? क्या सभी बैंक लूटेरों, जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त ब्लातकारी बाबाओं, ब्यापम समेत तमाम घोटालों के आरोपियों को संरक्षण देनेवाले व जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की कई धाराओं का खूला उल्लंघन कर चुनावों को टपोरी अंदाज में प्रभावित करनेवाले पीएम व यूपी के अपने उपर दर्ज मुकदमों को वापस लेनेवाले सीएम का चाल, चरित्र व निकृष्ठ चिंतन भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा नहीं है ?
बयान में केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जैसे आतंकवादी को संसद भेजने वाले भाईचारा चोरों व आर्थिक आतंकियों के मामले में न्यायपालिका क्यों जातिवादी हो जाता है ? लक्ष्मणपुर बाथे जैसे दलित-शोषितों के कई नरसंहारों में न्यायपालिका की भूमिका शिखंडी की क्यों हो जाती है? बयान के अंत में जेकेएम संस्थापक अध्यक्ष ने कहा है कि देश बेचनेवाले घनघोर राष्ट्र विरोधी भाजपा व संघ का कड़वा-कड़वा थू व मीठा-मीठा गप्प की रणनीति को जनता समझ चुकी है,जिसकी परिणति यूपी चुनाव परिणाम में दृष्टिगोचर होगा।