नावाबाजार। पलामू।
आज नावाबाजार प्रखण्ड के रबदा अम्बेडकर नगर स्थित झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय कार्यालय सह आवासीय कार्यालय में मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु व मंच के केन्द्रीय सचिव सह पूर्व प्रमुख नावाबाजार प्रखण्ड रेणु देवी ने मध्यकालीन भारत के महानतम संत, जगतगुरु संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 645 वीं जयंती के अवसर पर संत शिरोमणि जी के तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्पांजलि अर्पित कर संत शिरोमणि के बताए रास्ते पर चल कर मानवता के कृत्रिम विभाजन के खिलाफ समतामूलक समाज निर्माण का संकल्प लिया।
उक्त अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पूर्व प्रमुख सह केन्द्रीय सचिव जेकेएम ने कही कि मध्यकालीन भारत के घोर जातिवादी व भेदभाव से पीड़ित समाज के दंश व प्रताड़ना को झेलते हुए संत शिरोमणि जी ने हमेशा मनुवादी चिंतन धारा पर अकाट्य तथ्यों व तर्कों से करारा प्रहार कर ब्राह्मणी व्यवस्था के पोषक क्षत्रिय मुगल शासकों को सोचने पर विवश कर दिया था।
इस अवसर पर जेकेएम संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मध्यकाल में संचार व आवागमन के अत्याधुनिक साधन नहीं होने के बावजूद भी संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज ने भारत के उत्तर से लेकर दक्षिण व पूरब से लेकर पश्चिम तक के सभी राज्यों में अपने समाजिक व अध्यात्मिक क्रांति का प्रसार कर यह प्रमाणित कर दिया कि वे सच्चे अर्थों में समाजिक व अध्यात्मिक क्रांति के प्रणेता थे। मूर्ति पूजा समेत तमाम तरह के प्रचलित रुढ़िवादी परंपराओं का अपने पदावलियों के माध्यम से मुखर विरोध कर जब राजतंत्र में कोई अंजाम की परवाह नहीं की तो आज उनके वंशजों, अनुयायियों व शिष्यों को मनुवादी, सामंतवादी व पूंजिवादी राजसत्ता के खिलाफ आवाज बुलंद करने में क्यों पीछे रहना चाहिए ?