मेदिनीनगर । पलामू । झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रेस बयान जारी कर दाओस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सम्मेलन में टेलीप्रोम्पटर के विफल होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक मिनट भी अपनी दक्षता से सम्बोधित नहीं कर पाने की घटना को विश्व पटल पर देश की प्रतिष्ठा को गहरा आघात करार देते हुए इसके लिए आर०एस०एस० की पाठशाला को जिम्मेदार ठहराया है।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत की बात करनेवाले पीएम मोदी का विश्व आर्थिक मंच पर भाषण के लिए टेलीप्रोम्पटर पर निर्भरता ने यह साबित कर दिया कि संघ से उपजे हुए मोदीजी देश के सबसे नकारा पीएम हैं,जिनको संघ परिवार नवीन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर विश्व का सबसे बड़ा जुमलेबाज बनाने का प्रयास कर रहा है।
बयान के अंत में केन्द्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि भारत को गारत में मिलाने के लिए अपने स्थापना काल से कटिबद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उसके अनुषांगिक संगठनों ने दलित-आदिवासियों के लिए आरक्षित विधानसभा व लोकसभा की सीटों से लेकर देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति पद पर जाहिल, गंवार व विशुद्ध चम्मचों को बैठाकर संसदीय लोकतंत्र को समाप्त करना शुरू कर दिया है ताकि भेदभाव व अन्याय-अत्याचार से भरा परलोक तांत्रिक हिन्दू राष्ट्र बनाया जा सके।