मेदिनीनगर। पलामू । विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वन राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल इस वर्ष भी लोक आस्था एवं पवित्रता के महान पर्व छठ पूजा के अवसर पर व्रतियों के बीच सूखी आम की लकड़ियां दान करेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए डाली के निवर्तमान मुखिया सह छतरपुर पूर्वी जिला परिषद क्षेत्र से भावी प्रत्याशी अमित कुमार जायसवाल ने बताया कि 9 नवंबर दिन मंगलवार की सुबह 10:30 बजे से शहर के तिकोनिया गैरेज के निकट सुखी हुई आम की लकड़ियां छठ व्रतियों के बीच वितरित की जाएगी। इस पुनीत कार्यक्रम का शुभारंभ जिले के उपायुक्त शशिरंजन स्वयं अपनी हाथों से व्रतियों के बीच आम की सूखी लकड़ी देकर करेंगे। सुगमतापूर्वक सभी व्रतियों के बीच सुखी हुई आम की लकड़ी वितरीत करने की पूरी तैयारी कर ली गयी है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश और राज्य में उतपन्न स्थिति को देखते हुए जायसवाल टिंबर के प्रोपराइटर अरुण कुमार जायसवाल ने वितरण के दौरान सभी छठ व्रतियों से मास्क पहनकर आने की अपील की है. पर्यावरणविद कौशल किशोर पिछले कई दशक से लोक आस्था के इस महान पर्व पर व्रतियों के बीच सूखी हुई आम की लकड़ी का वितरीत करते आ रहे हैं।
मेदिनीनगर। पलामू । विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वन राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल इस वर्ष भी लोक आस्था एवं पवित्रता के महान पर्व छठ पूजा के अवसर पर व्रतियों के बीच सूखी आम की लकड़ियां दान करेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए डाली के निवर्तमान मुखिया सह छतरपुर पूर्वी जिला परिषद क्षेत्र से भावी प्रत्याशी अमित कुमार जायसवाल ने बताया कि 9 नवंबर दिन मंगलवार की सुबह 10:30 बजे से शहर के तिकोनिया गैरेज के निकट सुखी हुई आम की लकड़ियां छठ व्रतियों के बीच वितरित की जाएगी। इस पुनीत कार्यक्रम का शुभारंभ जिले के उपायुक्त शशिरंजन स्वयं अपनी हाथों से व्रतियों के बीच आम की सूखी लकड़ी देकर करेंगे। सुगमतापूर्वक सभी व्रतियों के बीच सुखी हुई आम की लकड़ी वितरीत करने की पूरी तैयारी कर ली गयी है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण देश और राज्य में उतपन्न स्थिति को देखते हुए जायसवाल टिंबर के प्रोपराइटर अरुण कुमार जायसवाल ने वितरण के दौरान सभी छठ व्रतियों से मास्क पहनकर आने की अपील की है. पर्यावरणविद कौशल किशोर पिछले कई दशक से लोक आस्था के इस महान पर्व पर व्रतियों के बीच सूखी हुई आम की लकड़ी का वितरीत करते आ रहे हैं।